Someone called mother a teacher and someone told Kovid epidemic, TV celebs told whom they knew the real meaning of life Rishina Kandhari, Shashank Vyas, Karan Patel, Puja Banerjee, Aamir Ali Teachers day Celebration | किसी ने मां को शिक्षक कहा तो किसी ने कोविड महामारी को, टीवी सेलेब्स ने बताया उन्होंने किससे समझा जीवन का असली मतलब


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किरण जैन, मुंबईएक घंटा पहले

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एक शिक्षक को स्कूल या कॉलेज में पढ़ाने के लिए ही जाना नहीं जाता। एक शिक्षक वो व्यक्ति भी हो सकता हैं जो आपको जीवन का अर्थ सिखाए या जिसने आपको प्रेरित किया हो और बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित किया। 5 सितंबर को मनाए जाने वाले शिक्षक दिवस के मौके पर कई फेमस टीवी सेलेब्स ने अपने शिक्षक और गुरुओं के बारे में बताया।

रिशिना कंधारी: मेरे लिए हर दूसरा व्यक्ति ‘द्रोणाचार्य’ है

रिशिना कंधारी ने कहा, ‘जो लोग मुझे जीवन का पाठ पढ़ाते हैं, वे सभी एक तरह से मेरे गुरु हैं। आज मैं जो कुछ भी हूं या अपने जीवन में मैंने जो भी दर्जा प्राप्त किया है, वे सभी अलग-अलग प्रकार के लोगों से मिली जीवन की सीख के कारण हैं। मैं अपने आप को ‘एकलव्य’ कहती हूं और मेरे लिए हर दूसरा व्यक्ति ‘द्रोणाचार्य’ है। वर्तमान में मैं एक शो कर रही हूं जिसके लिए मुझे शो में राजस्थानी मारवाड़ी भाषा बोलनी है। मेरे निर्देशक धर्मेंद्र शर्मा और को-स्टार नीलू वाघेला मुझे ये भाषा सिखने में काफी मदद कर रहे हैं इसलिए वे सेट पर मेरे गुरु हैं।’

शशांक व्यास।

शशांक व्यास।

शशांक व्यास: मेरी मां सबसे बड़ी शिक्षक है

शशांक व्यास ने कहा, ‘मेरे जीवन में हर शिक्षक ने शानदार भूमिका निभाई है, लेकिन मां ही मेरी सबसे बड़ी शिक्षक है। वो आपको चलना सिखाती है और आपके साथ-साथ चलती भी है। उसने मुझे सिखाया कि लोगों को कैसे समझना है। वो कभी अपने बच्चों के बीच भेदभाव नहीं करती है, जबकि स्कूल में शिक्षक बच्चों के बीच भेदभाव करते हैं। एक बार एक शिक्षक ने मेरे पिता से कहा कि आपके बेटे की कोई महत्वाकांक्षा नहीं है, जीवन में कोई लक्ष्य नहीं है, क्योंकि मुझे परीक्षा में बहुत कम अंक मिले थे। मुझे लगता है कि शिक्षकों को उन छात्रों पर अधिक ध्यान और गर्मजोशी दिखानी चाहिए जो पढ़ाई में कमजोर हैं, इससे उन्हें अधिक मदद मिलेगी। संख्या के बजाय, उन्हें बच्चों को यह सिखाना चाहिए कि विफलता से कैसे निपटना है। इसे पढ़ाया जाना कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।’

करण पटेल।

करण पटेल।

करण पटेल: मेरा जीवन ही सबसे बड़ा शिक्षक हैं

करण पटेल ने कहा, ‘हर व्यक्ति या स्थिति इंसान को कुछ-ना-कुछ जरूर सिखाती है और मैं हमेशा एक छात्र हूं जो हमेशा अच्छा या बुरा सबक सीखने के लिए तैयार रहता है। मेरे लिए कभी भी एक व्यक्ति या स्थिति मेरा गुरु या शिक्षक नहीं बन सकती, मेरे लिए मेरा जीवन ही सबसे बड़ा शिक्षक है। वही मुझे सबकुछ सिखाता है। मेरे नजरिये में जीवन से बढ़कर कोई आपको सीखा नहीं पाता।’

पूजा बनर्जी।

पूजा बनर्जी।

पूजा बनर्जी: मैं खुद अपनी शिक्षक और गुरु हूं

पूजा बनर्जी बोलीं ‘मैंने अपने अनुभवों से एक्टिंग को चुना और खुद को कैमरे में परफॉर्म करते हुए देखा। मेरा अभिनय करियर स्टार प्लस से शुरू हुआ, यह मेरे लिए सीखने का एक बड़ा मंच था क्योंकि उस वक्त मैं एक अभिनेत्री नहीं थी और मुझे सिखाने वाला कोई नहीं था। मेरे पहले शो के लिए हर दिन शूटिंग करना मेरे लिए सीखने का अनुभव बन गया। समय और धैर्य ने मुझे सिखाया कि दिन खत्म होने तक बेहतर प्रदर्शन कैसे किया जाए। इसीलिए अभिनय के मामले में मैं खुद अपनी शिक्षक और गुरु हूं।’

आमिर अली।

आमिर अली।

आमिर अली: कोविड महामारी ने बहुत कुछ सिखाया

आमिर अली बोले ‘कोविद महामारी ने पिछले कुछ महीनों में हमें यह सिखाया कि आप जैसे हो वैसे खुद को अपनाओ, दिखावटी दुनिया अब ज्यादा वक्त तक नहीं टिक पाएगी। सालों से हम समय की कमी के बारे में शिकायत करते रहे हैं लेकिन पिछले कुछ महीनों ने बहुत कुछ सिखाया। परिवार का समय आज हमारा मंत्र है, अपने परिवार को फिट रखें, योग करें, खेल खेलें, साथ में फिल्में देखें, साथ में हंसें और हर उस क्षण की सराहना करें, जो आपको खुश रख सकता है। मेरे लिए ये कोविद महामारी शिक्षक बनकर आई जिसने मुझे जिंदगी में बहुत कुछ सिखाया।’

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