स्मार्ट चिप कंपनी की ओर से जालंधर वासियों को नए साल पर दिया गया तोहफा , मगर जनता परेशान

जालंधर // (सुनील चावला, विशाल मित्तल)- लोगों ने तो पहले ही ठान रखा है गलतियां करना…. बिना लाइसेंस के मोटर व्हीकल चलाना जब गलतियां सुधारने के लिए नियम को अपनाने के लिए लाइसेंस अप्लाई किया जाता है तो वही लोगों के आरटीए के दफ्तर के चक्कर लगाना एक आम बात हो गई है क्योंकि अब लगता है कि जालंधर के RTA विभाग के स्मार्ट चिप कंपनी की ओर से भी गलतियां करना एक आम बात हो गई है हाल ही में नया साल शुरू होते ही जालंधर निवासियों को तोहफा दिया है जिस तोहफे में 1 जनवरी से कंपनी की ओर से कोई भी स्टॉक जालंधर के आरटीओ दफ्तर में जरूरी स्टॉक नहीं मुहैया करवाया गया इसकी जानकारी देते हुए स्मार्ट चिप कंपनी के जालंधर के इंचार्ज मनिंदर सिंह ने बताया कि कंपनी की ओर से उन्हें स्टॉक मुहैया नहीं करवाया जा रहे हैं जिस चक्कर से लोगों को मुश्किलों का काफी सामना करना पड़ रहा है वही आपको बता दे के आरटीओ ऑफिस में प्रिंटर तो है मगर लाइसेंस बनाने की सामग्री नहीं है वही मनिंदर ने जानकारी देते हुए बताया कि 1000 से ऊपर लाइसेंस डाक पेंडिंग पड़ा हुआ है वही आपको बता दें कि एप्लीकेंट को कोई रिसीविंग चिट भी नहीं दी जा रही है जिससे वह पुलिस को चिट दिखा कर मोटे मोटे चलाने से बच सके क्योंकि पुलिस की ओर से लाइसेंस ना होने के कारण 5000 का जुर्माना किया जाता है वही एप्लीकेंट जिसने लाइसेंस अप्लाई किया है वह आरटीओ ऑफिस के चक्कर काट काट कर परेशान है और दूसरी तरफ पुलिस की ओर से ।

वही इस संबंध में RTA बृजेंद्र सिंह से बात करनी चाहिए उन्होंने फोन नहीं उठाया जिस कारण आखिर यह पूरा मामला क्या है पता नहीं चल सका अब और कितने दिन आम जनता खजल खुआर होती रहेगी RTA दफ्तर के चक्कर लगाती रहेगी।

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