Indian Wedding 2020 Weddings to be held in November after postponement of lockdown; Couples are ready to get married without auspicious wedding wedding | लॉकडाउन में शादी टलने के बाद नवंबर में जमकर होंगी शादियां; शुभ मुहूर्त में नहीं मिल रहा वेडिंग वेन्यू तो बिना मुहूर्त में ही शादी को तैयार हैं कपल्स


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नई दिल्ली6 मिनट पहलेलेखक: वर्षा पाठक

  • 25 नवंबर को शादी करने के लिए लोग दोगुना खर्च करने को भी हैं तैयार
  • लॉकडाउन के दौरान 85 फीसदी शादियां अगले सीजन के लिए टलीं

कोविड-19 महामारी ने अरबों रुपए के शादियों के कारोबार को प्रभावित किया है। हालांकि, अब भारतीय शादी इंडस्ट्री रिकवरी की ओर है। लॉकडाउन के चलते अप्रैल-मई में हज़ारों शादियां आगे के डेट के लिए टल गई थीं। अब नवंबर-दिसबंर या फिर अगले साल के लिए शादी के वेन्यू से लेकर अन्य जानकारी जुटाई जा रही है। बड़ी संख्या में लोग वेन्यू बुकिंग को लेकर पूछताछ कर रहे हैं।

लॉकडाउन के दौरान 84% वेडिंग इवेंट्स कैंसिल हुए

ऑनलाइन वेडिंग वेबसाइट Weddingz.in के मुताबिक, करीब 84 फीसदी वेडिंग इवेंट्स लॉकडाउन के दौरान कैंसिल किए गए हैं। लॉकडाउन के दौरान वेडिंग समेत करीब 3,000 से ज्यादा इवेंट्स टल गए थे। अब ये इवेंट्स फिर से अगले एक दो माह में शुरू होने वाले हैं। संदीप ने कहा कि नवंबर माह के लिए सबसे ज्यादा बुकिंग मिल रही है। लगातार बुकिंग का नंबर मासिक आधार पर 10-15 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा अनुमान है कि मांग में धीरे-धीरे और वृद्धि होगी। इतना ही नहीं 2021 में लीड्स और शादियों के लिए ग्राहकों की संख्या में तेजी से वृद्धि होगी।

नवंबर में शादी के लिए 25 हज़ार से ज्यादा लोगों ने की पूछताछ

Weddingz.in के सीईओ संदीप लोढ़ा ने मनी भास्कर से बातचीत में बताया कि शादी कारोबार में रिकवर के पॉजिटिव साइन दिख रहे हैं। देशभर में मिनी लॉकडाउन है। ऐसे में पिछले माह जुलाई में 25 हज़ार से ज्यादा लोगों ने शादी के वेन्यू को लेकर पूछताछ की है। सिर्फ वेडिंग.इन पर ही नवंबर और दिसंबर के लिए 1500 से ज्यादा इवेंट्स बुक किए जा चुके हैं। हालांकि, पिछले साल के मुकाबले इस साल शादी के लिए बुक किए गए इवेंट्स बेहद कम हैं।

25 नवंबर के लिए सबसे ज्यादा बुकिंग

दिल्ली की वेडिंग प्लानर ललिता राघव ने बताया कि उनके पास सबसे ज्यादा बुकिंग 25 नवंबर के लिए आ रही है। इस दिन तुलसी विवाह है। सबसे ज्यादा लोग इसी दिन शादी करना चाह रहे हैं। वे कहती हैं मुझे आश्चर्य लगा कि कुछ लोग इस दिन शादी करने के लिए ज्यादा पैसे भी खर्च करने को तैयार हैं। लेकिन दिल्ली में इस दिन एक भी वेडिंग वेन्यू खाली नहीं है। 25 नवंबर के बाद सबसे ज्यादा लोग 30 नवंबर और फिर 11 और 12 दिसंबर को शादी करना चाहते हैं। इस चार डेट्स पर वेडिंग वेन्यू लगभग पूरा बुक हो चुका है।

भारत में वेडिंग इंडस्ट्री जल्द पकड़ेगी रफ्तार

संदीप बताते हैं कि हमें उम्मीद है कि नवंबर और दिसंबर में काफी हद तक इंडस्ट्री रिकवर करेगी। उन्होंने कहा कि साल 2020 के अंत और 2021 की शुरुआत में वेडिंग कारोबार बूस्ट करेगा। वहीं, मैट्रिमनी (Matrimony.com) के सीईओ मुरुगवेल जानकीरमन बताते हैं कि 2021 में वेडिंग इंडस्ट्री 56 अरब डॉलर की होगी। आने वाले समय में छोटी शादियों का रुझान तेजी से बढ़ेगा। हालांकि, अभी स्लोडाउन है पर जल्द रिकवरी होगी।

जून के मुकाबले जुलाई में लोगों ने की 40% ज्यादा बुकिंग

वैक्सीन के आने के बाद सभी इंडस्ट्रीज की वृद्धि होगी, जिसमें वेडिंग इंडस्ट्री का भी समावेश होगा। दिलचस्प बात यह है कि जुलाई में अनलॉक के दौरान लोगों ने सबसे ज्यादा बुकिंग की है। जून के मुकाबले 40% ज्यादा बुकिंग हुई है। इसका मतलब साफ है कि कस्टमर आने वाले समय में बड़े लेवल के इवेंट्स होस्ट करेंगे।

42% लोग बिना मुहूर्त के ही शादी करने को तैयार हैं

वेडिंग.इन की रिपोर्ट के मुताबिक, शादियों को लेकर सबसे ज्यादा पूछताछ देश की राजधानी दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद से आ रही है। बेस्ट वेडिंग वेन्यू की डिमांड इतनी बढ़ गई है कि करीब 42% लोग शुभ मुहूर्त की बजाय बिना मुहूर्त में ही शादी की बुकिंग कर रहे हैं। इसके साथ ही ग्राहक शादियों में कपड़ों के साथ स्टाइलिश मास्क को लेकर भी पूछताछ कर रहे हैं।

वर्चुअल मेहंदी, संगीत सेलिब्रेशन की भी डिमांड

लग्जरी वेडिंग प्लानर कटरीना ऑटर कहती हैं कि हमारे लगभग सभी क्लाइंट्स ने अपनी शादियां 2021 तक के लिए टाल दी हैं। इससे अगले साल खूब शादियां होनी है। अधिकांश मैरिज वेन्यू अगले साल अप्रैल से अक्टूबर तक के लिए बुक हो चुके हैं। हालांकि, शादियों में ज्यादा गेस्ट नहीं आ सकते हैं। इसलिए ज्यादातर ग्राहक परिवार के सदस्यों और दोस्तों के लिए रस्मों की डिजिटल लाइव स्ट्रीमिंग यानी कि वर्चुअल सेलिब्रेशन की भी डिमांड कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय डेस्टिनेशन वेडिंग की डिमांड में गिरावट

कोविड से पहले भारत में तेजी से फैल रहे डेस्टिनेशन वेडिंग पर कोरोना का साया साफ नजर आ रहा है। लोग डेस्टिनेशन वेडिंग को लेकर कतरा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय डेस्टिनेशन वेडिंग की डिमांड जीरो है। ऑनलाइन वेडिंग बेवसाइट वेडिंग.इन और मैट्रिमनी के मुताबिक, अगले एक साल तक अंतरराष्ट्रीय वेडिंग डेस्टिनेशन की डिमांड बिल्कुल ही नहीं है। नवंबर और दिसंबर के समय सबसे ज्यादा डेस्टिनेशन वेडिंग की डिमांड रहती थी।

फरवरी में शादी के लिए गोवा और उदयपुर डिमांड में

डोमेस्टिक डेस्टिनेशन जैसे कि गोवा, जयपुर और उदयपुर के लिए डिमांड है। लेकिन यह बुकिंग की डिमांड नवंबर-दिसंबर की बजाय अगले साल शादी करने वालों की है। साल 2021 के जनवरी और फरवरी माह में शादी करने वाले उदयपुर और गोवा की बुकिंग कर रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि यहां कस्टमर अपनी व्हीकल से भी पहुंच सकते हैं। भारत मैट्रिमोनियल और शादी.कॉम के मुताबिक इस साल 90% घरेलू डेस्टिनेशन वेडिंग में कमी आएगी।

50 गेस्ट के नियम ने कम किया शादी का बजट

वेडिंग के जानकारों की मानें तो शादी के मामले में लोग ज्यादातर बजट को लेकर नहीं सोचते हैं। खासकर भारतीय शादियों में बहुत खर्च किया जाता है। एक साधारण शादी में भी 1000-1200 गेस्ट रहते हैं। हालांकि, सोशल डिस्टेंसिंग के नियम और विभिन्न राज्यों में सरकारी दिशानिर्देशों के अनुरूप, 50 से 100 लोगों के बीच एक सीमित गेस्ट आ सकते हैं। इसके चलते शादियों का बजट अपने आप छोटा हो गया है। पहले जहां एक शादी पर औसतन 5 लाख तक खर्च होता था वहीं अब वह 3 लाख पर सिमट गई है।

बढ़ रहा है वेडिंग फ्रॉम होम का ट्रेंड

भारत में हर साल करीब 1.2 करोड़ शादियां होती हैं। कई लोग लॉकडाउन में भी शादी कर रहे हैं। ऐसे लोगों के लिए शादी डॉट.कॉम ने वेडिंग फ्रॉम होम सर्विस शुरू की है। कंपनी के चीफ एग्जिक्यूटिव अनुपम मित्तल ने हाल ही में एक ऐसी ही शादी में शिरकत की। इसे 300 लोगों ने ऑनलाइन अटेंड किया था।

वेडिंग.इन बुकिंग के दौरान स्पेशल ऑफर भी कस्टमर को दे रही है। हम इसमें कैटरिंग, फोटोग्राफी सर्विस के साथ ही शादी की रस्मों जैसे कि हल्दी, मेहंदी और संगीत घर पर ही आयोजन कर रहे हैं। साथ ही लोगों ने शादियों में सेफ्टी को टॉप प्रायोरिटी पर रखा है।

कैटरिंग से लेकर मेकअप और पंडित भी कंपनी की तरफ से

मैट्रिमनी बाजार ने भी होम वेडिंग की शुरुआत की है। इसे कपल की मदद के लिए लांच किया गया है। होम वेडिंग संगठित शादियों के लिए मदद करती है। इसमें 50 मेहमान शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इसमें लॉकडाउन के सभी नियमों का पालन किया जाता है। शादियों की सेवाओं की सभी रेंज कैटरिंग से लेकर मेकअप और पंडित भी कंपनी दे रही है।

वेडिंग प्लानर का फोकस अब यूनिक वर्चुअल सेलिब्रेशन पर

दिल्ली की वेडिंग प्लानर ललिता राघव बताती हैं कि उन्होंने लॉकडाउन के दौरान 10 शादियां कराई हैं। ये शादियां पूरी तरह घर पर ही आयोजित की गई थी। अन्य फैमिली मेंबर जो कि शादी में नहीं आ सकते उनके लिए उन्होंने वर्चुअल सेलिब्रेशन का आयोजन किया था। वहीं, एक अन्य वेडिंग प्लानर एनी मुंजाल ने बताया कि कोरोना के बाद कस्टमर अनोखे वर्चुअल सेलिब्रेशन की डिमांड कर रहे हैं।

देश में वेडिंग का बाजार मुख्य रूप से असंगठित है

वेडिंग एक्सपर्ट के मुताबिक, कोविड-19 से पहले देश में शादियों का बाजार मुख्य रूप से असंगठित है और इसकी कुल वैल्यू 2.8 से 3.5 लाख करोड़ रुपए के बीच में है। इसमें से वेन्यू सेगमेंट का 50 प्रतिशत हिस्सा था जो करीबन 1.50 लाख करोड़ रुपए का था। यह सालाना 20 प्रतिशत की दर से वृद्धि कर रहा है। कोरोना महामारी से पहले साल 2020 की शुरुआत में यह सेक्टर काफी अच्छा चल रहा था। वेडिंग.इन की मानें तो पिछले साल 27 हजार से ज्यादा इवेंट्स देश के 50 शहरों में किए गए थे। इसमें ग्राहकों की संतुष्टि की दर काफी ज्यादा थी। हालांकि कोविड-19 ने जरूर इस पर असर डाला है।

वहीं, मैट्रिमनी बाजार का जून तिमाही में रेवेन्यू 86.8 करोड़ रुपए रहा है जबकि लाभ 9.4 करोड़ रुपए रहा है। कंपनी ने बताया कि पिछले एक साल में एक लाख लोगों ने शादियां की है। हालांकि, वास्तविक आंकड़ा इससे कई गुना ज्यादा हो सकता है। इस साल अभी तक कोई आंकड़े नहीं आए हैं।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा वेडिंग मार्केट है

बता दें कि अमेरिका के बाद भारत को दुनिया का दूसरा सबसे महंगा और बड़ा वेडिंग मार्केट माना जाता है। केपीएमजी की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन वेडिंग इंडस्ट्री की साइज 40-50 बिलियन डॉलर के आसपास है। वहीं, अमेरिका का वेडिंग मार्केट 70 बिलियन डॉलर का है। भारत में एक शादी पर औसतन 5 लाख से लेकर 5 करोड़ रुपए तक का खर्च आता है। भारत में सिर्फ डेस्टिनेशन वेडिंग का सलाना कारोबार 45,000 करोड़ रुपए के आसपास का है।

शादी का फैशन इंडस्ट्री से भी सीधा नाता है

भारतीय शादियों में प्री-वेडिंग शूट का कल्चर तेजी से बढ़ रहा है। भारत में एक प्री-वेडिंग शूट के साथ वेडिंग फोटोग्राफी पर औसतन 15,000 से लेकर 1 लाख तक का खर्च आता है। फैशन डिजाइन ऑफ काउंसिल इंडिया के चेयरमैन सुनील सेठी बताते हैं कि शादी का फैशन इंडस्ट्री से भी सीधा नाता है। भारतीय शादियों में ज्यादा खर्च करने पर यकीन रखते हैं। यही वजह है कि भारत में वेडिंग फैशन लग्जरी का 1 बिलियन डॉलर का मार्केट है। वेडिंग प्लानर एनी मुंजाल के मुताबिक अप्रैल-मई में करीब 10 डेस्टिनेशन वेडिंग का ऑर्डर था लेकिन कोरोनावायरस महामारी की वजह से ये शादियां नवंबर के लिए पोस्टपोंड हो गई हैं।

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