Due to new technology many new employment opportunities in banking sector despite economic slowdown | नई टेक्नोलॉजी आने से आर्थिक सुस्ती के बावजूद बैंकिंग सेक्टर में रोजगार के कई नए मौके


  • निजी बैंकों का लगातार विस्तार हो रहा है, 2020 में करीब डेढ़ लाख लोगों को नौकरी मिलने के आसार
  • फिनटेक और माइक्रोफाइनेंस से जुड़ी कंपनियों की संख्या बढ़ने से भी अवसर में इजाफा
  • फिनकेयर स्मॉल फाइनेंस बैंक के चीफ पीपुल ऑफिसर पंकज गुलाटी से बातचीत

Dainik Bhaskar

Nov 02, 2019, 05:48 PM IST

नई दिल्ली. आईबीईएफ की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में वर्ष 2007-18 के दौरान लोन में 10.94% और डिपॉजिट में 11.66% की दर से बढ़ोतरी हो रही है। इससे बैंकिंग सेक्टर में रोजगार के खूब मौके बन रहे हैं। एआई जैसी टेक्नोलॉजी ने भी अवसर के नए द्वार खोले हैं। सेक्टर में जॉब के मौकों को लेकर फिनकेयर स्माल फाइनेंस बैंक के चीफ पीपुल ऑफिसर पंकज गुलाटी से दैनिक भास्कर ने बातचीत की।

 

बैकिंग सेक्टर में फ्रेशर और अनुभवी पेशेवर के लिए मौजूदा समय में क्या अवसर हैं?
बैंकिंग सुविधा अब ग्रामीण इलाकों में भी पहुंच रही है। इसलिए नए और अनुभवी पेशेवरों के लिए अवसर बढ़ रहे हैं। लोन के क्षेत्र में सेल्स, क्रेडिट, कलेक्शंस, ब्रांच ऑपरेशंस, फील्ड ऑडिट, एचआर और ट्रेनिंग आदि तरह की नौकरियां हैं। डिपॉजिटरी में सेल्स और ऑपरेशंस से जुड़ी नौकरियां हैं।

आपके बैंक में नौकरी के लिए किस तरह की क्वालिफिकेशन की जरूरत होती है?
ग्रामीण शाखाओं में फील्ड जॉब के लिए हमने 10वीं कक्षा पूरी करने वाले युवाओं चयन किया है। नॉन-फील्ड वर्क के लिए कक्षा 12 वीं और कॉरपोरेट ऑफिस हायरिंग के लिए ग्रेजुएट, पीजी जरूरी है।

 

बैंक को किस तरह की स्किल की तलाश होती है?
हम ग्रामीण और शहरी दोनों बाजारों में ग्राहकों की सेवाएं देने और सभी स्टेकहोल्डर के लिए काम करते हैं। स्थानीय अर्थव्यवस्था, कस्टमर ओरिएंटेड प्रोसेस ओरिएंटेड, टेक्नोलॉजी और डिजिटल उपकरणों को हेंडल करने की स्किल जरूरी है। सीनियर लेवल पर प्रॉब्लम सॉल्विंग, बड़ी मात्रा में डेटा का कलेक्शन और एनालिसिस करने की क्षमता आदि की जरूरत होती है।

इंटरव्यू के लिए कैसे तैयारी करना चाहिए?
उम्मीदवारों को शिक्षा और अनुभव को जिंदगी की परिस्थितियों से जोड़ना चाहिए। उसे तार्किक होना चाहिए। समस्याओं का सामना करने वाले उदाहरण और उन्हें दूर करने के समाधान होना चाहिए। इन सबसे ऊपर उन्हें पारस्परिक संघर्ष को संभालना व दूसरों को सकारात्मक तरीके से प्रभावित करना आना चाहिए।

बैंक में किस सेगमेंट में सबसे ज्यादा जॉब्स होती हैं?
लोन और डिपाजिट दोनों ही वर्टिकल में सेल्स और कस्टमर सर्विस में सबसे ज्यादा नौकरियाें के मौके हैं।

उम्मीदवार आपसे कैसे संपर्क कर सकते हैं?
फ्रंटलाइन भूमिकाओं के लिए बैंक नियमित रूप से स्थानीय समाचार पत्रों, सोशल मीडिया आदि में विज्ञापन देता है और वॉक-इन-इंटरव्यू कैंप आयोजित करता है। शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों को प्रोविजनल ऑफर दिया जाता है। उम्मीदवार अपने प्रोफाइल को [email protected] पर भेज सकते हैं।

 

साल 2040 तक भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बैंकिंग हब बन जाएगा

  • निजी बैंकों का भी विस्तार हो रहा है। इनमें डेढ़ लाख लोगों को नौकरी मिलने की संभावना है। 8.5 लाख से ज्यादा लोग बैंकिंग सेक्टर में काम कर रहे हैं।
  • आरबीआई के मुताबिक साल 2018 तक भारतीय बैंकिंग प्रणाली में 21 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, 21 निजी क्षेत्र के बैंक, 49 विदेशी बैंक, 56 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, 1,562 शहरी सहकारी बैंक और 94,384 ग्रामीण सहकारी बैंक थे।
  • भारत चौथा सबसे बड़ा रिटेल क्रेडिट मार्केट है। यह 2014 के 181 अरब डॉलर से बढ़कर 2017 में 281 अरब डॉलर हो गया है।
  • नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट ने 2,04,000 पीओएस टर्मिनल स्वीकृत किए हैं।
  • मई 2018 में माइक्रो फाइनेंस सेक्टर की इक्विटी फंडिंग 39.88% बढ़ गई है। अब यह 96.31 अरब रुपए हो गई है।
  • कॉमर्शियल और सहकारी बैंकों की 67,000 से अधिक शाखाएं काम कर रही हैं। 2040 तक भारत तीसरा सबसे बड़ा बैंकिंग हब बन जाएगा।

इन सेगमेंट में नौकरियां
क्लर्क, पीओ, ब्रांड मैनेजर, रिलेशनशिप मैनेजर, फील्ड ऑफिसर, फाइनेंशियल सर्विस रिप्रेजेंटेटिव, फायनेंशियल मैनेजर, बिल एंड अकाउंट कलेक्टर, लोन ऑफिसर, ऑडिट क्लर्क, बुक कीपिंग, सेल्स ऑफिसर, कलेक्शंस,  ब्रांच ऑपरेशंस



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