Data privacyapps access to users data limited: tech giant google limits third party app access to users data – गूगल का बड़ा कदम, अब आपके कॉल लॉग और SMS तक ऐप्स की नहीं रहेगी पहुंच


अदिति श्रीवास्तव और नीलेश क्रिस्टोफर, नई दिल्ली और बेंगलुरु

गूगल के यूजर्स के कॉल लॉग और टेक्स्ट तक मोबाइल ऐप्स की पहुंच सीमित करने से ई-कॉमर्स कंपनियों, फाइनैंशल टेक्नॉलजी प्लेटफॉर्म्स और अन्य स्टार्टअप्स को बड़ा झटका लगा है। इससे डिवेलपर्स के लिए बिना किसी रुकावट वाले इकोसिस्टम का दौर समाप्त हो गया है। इसका लेंडिंग और फाइनैंशल सर्विसेज कंपनियों पर सीधा असर पड़ेगा, जो कस्टमर्स के क्रेडिट स्कोर तय करने के लिए ऐसे डेटा पर निर्भर करती हैं।

ई-कॉमर्स कंपनियां ऐसे डेटा का इस्तेमाल कस्टमर प्रोफाइल बनाने के लिए करती हैं। गूगल ने यह फैसला ऐसे समय में किया है, जब कई स्टार्टअप्स 10 करोड़ यूजर्स का टारगेट लेकर चल रही हैं। स्टार्टअप्स को बेहतर प्रॉडक्ट्स बनाने के लिए कंज्यूमर बिहेवियर और स्मार्टफोन की यूसेज के पैटर्न से संबंधित डेटा से काफी मदद मिलती है।

बिलियन डॉलर की वैल्यू रखने वाली एक स्टार्टअप के सीनियर एग्जिक्यूटिव ने कहा, ‘गूगल अगर इसे गंभीरता से लागू करती है तो फ्लिपकार्ट और पेटीएम जैसी बड़ी कंपनियों पर असर पड़ेगा।’ हालांकि, पेटीएम के एक सीनियर एग्जिक्यूटिव ने बताया, ‘हम एक UPI हैं जिससे हमें SMS तक पहुंच मिलती है। हम कभी कॉल लॉग नहीं पढ़ते और हमें इस तरह के डेटा की जरूरत नहीं होगी।’

गूगल ने 8 अक्टूबर को एक ब्लॉग पोस्ट में कहा था कि केवल वही ऐंड्रॉयड ऐप्लिकेशंस इस तरह के डेटा को एक्सेस कर सकेंगी, जिन्हें यूजर्स कॉल करने या टेक्स्ट भेजने के लिए अपनी ‘डिफॉल्ट ऐप्स’ के तौर पर चुनेंगे। एक वेंचर कैपिटल इनवेस्टर ने कहा, ‘यह इस पर निर्भर करेगा कि गूगल इन बदलावों को प्ले स्टोर और सभी कंपनियों के लिए कितनी सख्ती और निष्पक्षता के साथ लागू करती है।’

एक्सपर्ट्स का कहना है कि गूगल का यह कदम खासतौर पर भारत जैसे मार्केट के लिए महत्वपूर्ण है जहां यूजर्स को डेटा के नतीजों की जानकारी नहीं है और वे ऐप्स को अनुमतियां देने से नहीं हिचकते।

पेमेंट्स स्टार्टअप फ्रीचार्ज के कुणाल शाह का कहना है, ‘यूजर्स के कॉल डेटा और SMS रेकॉर्ड तक ऐप्स की पहुंच सीमित करने के गूगल के फैसले से देश में फाइनैंशल टेक्नॉलजी फर्मों पर बड़ा असर पड़ेगा। इसके लिए ये कंपनियां तैयार नहीं हैं।’ यूजर्स को गूगल के साइन-ऑन फीचर के जरिए लॉग इन की सुविधा देने वाली ऐप्स को एक सिंगल स्क्रीन के बजाय निवेदन वाली प्रत्येक अनुमति को एक अलग डायलॉग बॉक्स में दिखाना होगा।





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