Auto stock may perform better says Deven R Choksey | ऑटो शेयरों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद: देवेन आर चोकसी

मुंबई. पिछले हफ्ते निफ्टी और सेंसेक्स ने अच्छा प्रदर्शन किया। निफ्टी में 0.91% और सेंसेक्स में 0.84% की तेजी रही। जहां तक कंपनियों की आमदनी की बात है बुनियादी कारक मजबूत बने हुए हैं। अर्थव्यवस्था में तेजी देखने को मिल रही है। खुदरा महंगाई दर में कमी आई है। खाने की चीजें, फल और प्रोटीन वाली वस्तुएं सस्ती होने से अक्टूबर में यह 3.31% दर्ज हुई है। यह सितंबर 2017 के बाद इसका सबसे कम स्तर है। पिछले साल सितंबर में यह 3.28% और अक्टूबर में 3.58% थी। जीडीपी का प्रदर्शन बेहतर बना हुआ है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजारों का प्रदर्शन पिछले हफ्ते बेहतर नहीं रहा। अमेरिका में डो जोंस 2.22%, नास्डैक 2.15% और एसएंडपी 500 इंडेक्स 1.61% गिरकर बंद हुए। यूरोप में ब्रिटेन का एफटीएसई 1.29%, जर्मनी का डैक्स 1.63% और फ्रांस का कैक-40 इंडेक्स 1.60% नुकसान के साथ बंद हुआ।

ब्रिटेन की कैबिनेट ने पिछले बुधवार ब्रेक्जिट डील पर मुहर लगा दी। इस संबंध में घंटों की लंबी चर्चा के बाद 28 देशों वाले यूरोपियन यूनियन (ईयू) से ब्रिटेन के बाहर होने से संबंधित समझौते के मसौदे को हरी झंडी दी गई। इसके बाद समीकरण ईयू से बाहर होने की मांग करने वालों के मुकाबले ब्रिटेन सरकार के लिए ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। प्रधानमंत्री थेरेसा मे को पार्टी के भीतर ही चुनौती मिल रही है। संसद इस पर अनुमति देगी इसकी उम्मीद नहीं है।

सेक्टर आउटलुक- सीमेंट: सितंबर तिमाही में सीमेंट सेक्टर की वॉल्यूम ग्रोथ दो अंकों में रही है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों से मांग, कम कीमत वाले घरों के निर्माण और इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में तेजी बने रहने का प्रमुख योगदान है। लेकिन दिसंबर तिमाही में इस सेक्टर की ग्रोथ में सुस्ती दिखने का अंदेशा है। बड़ा सवाल यह है कि क्या आगे भी मांग में तेजी रहेगी? क्या सीमेंट के दाम बढ़ेंगे? पिछले तीन महीनों में प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण के तहत बनने वाले घरों की संख्या 22% बढ़ी है। इसमें मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बने घरों का अहम योगदान है। योजना के तहत अब तक 49.7 लाख घर बनाए जा चुके हैं। यह सरकार के एक करोड़ घर बनाने के लक्ष्य का करीब आधा है।

सेक्टर आउटलुक- ऑटो: देश के ऑटो उद्योग का प्रदर्शन इस वित्त वर्ष की शेष अवधि में बेहतर रह सकता है। इस वित्त वर्ष में घरेलू बाजार में यात्री वाहनों की बिक्री 8-10%, यूटिलिटी व्हीकल की 14-15% और कारों की बिक्री 8-9% बढ़ने की उम्मीद है। दोपहिया की बिक्री 11-13% की रफ्तार से बढ़ सकती है। मोटरसाइकिलों की बिक्री 9-11%, स्कूटरों की बिक्री 13-16% की सालाना दर से बढ़ने का अनुमान है। कॉमर्शियल व्हीकल की बिक्री 9-12% की रफ्तार से बढ़ने की उम्मीद है।

हमारी अर्थव्यवस्था में पॉजिटिव कारक हैं। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजारों से आने वाली नकारात्मक खबरों से मार्केट सेंटिमेंट उतार-चढ़ाव वाले बने हुए हैं। अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध के बावजूद भारत को तेल आयात करने की अस्थायी अनुमति दी है। यह भारत जैसे तेल की अधिक खपत करने वाले बड़े देशों के लिए राहत की खबर है। वहीं, दूसरी तरफ सऊदी अरब ने क्रूड की कीमतों को 75-80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रखने के लिए उत्पादन घटाने का फैसला किया है। यह अच्छी खबर नहीं है। वजह, पिछले एक साल में क्रूड की मांग 1% से ज्यादा नहीं बढ़ी है। ऐसे में कीमतों का इतने ऊंचे स्तरों पर टिके रहना मुश्किल है। अमेरिका ने दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ाईं तो डॉलर फिर मजबूत होगा और अन्य मुद्राओं में गिरावट दिखेगी। ऐसी नकारात्मक खबरों से दुनिया के बाजारों में खासकर ईटीएफ की ओर से बिकवाली का दबाव जारी रह सकता है।

(ये लेखक के निजी विचार हैं। इनके आधार पर निवेश से नुकसान के लिए दैनिक भास्कर जिम्मेदार नहीं होगा।)

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