भारत के खिलाफ नेपाल को खड़ा कर रहा चीन, जिनपिंग बोले- बराबरी का दिया दर्जा – xi jinping says china always given nepal equal status amid india nepal border tension


China Nepal Relations: नेपाल के साथ राजनयिक संबंधों की 65वीं वर्षगांठ के मौके पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि उन्होंने इस हिमालयी देश को हमेशा से बराबरी का दर्जा दिया है। चीन ने हमेशा नेपाल की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राजनीतिक स्वतंत्रता का सम्मान किया है।

शी जिनपिंग और केपी शर्मा ओली
हाइलाइट्स

  • भारत से तनाव के बीच नेपाल को फांस रहा चीन, जिनपिंग बोले- हमने हमेशा बराबरी का दर्जा दिया
  • नेपाल के साथ राजनयिक संबंधों की 65वीं वर्षगांठ के मौके पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आपसी संबंधों को और मजबूत करने पर दिया जोर
  • चीन समर्थक प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सत्ता पर पकड़ को मजबूत करने के लिए जिनपिंग ने नेपाल को पुचकारा

पेइचिंग

भारत और नेपाल के बीच जारी तनातनी के बीच चीन अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश कर रहा है। नेपाल के साथ राजनयिक संबंधों की 65वीं वर्षगांठ के मौके पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि उन्होंने इस हिमालयी देश को हमेशा से बराबरी का दर्जा दिया है। चीन ने हमेशा नेपाल की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राजनीतिक स्वतंत्रता का सम्मान किया है। चीनी राष्ट्रपति का यह बयान नेपाल में जारी राजनीतिक तनाव के बीच अहम मानी जा रही है।

नेपाल के साथ द्विपक्षीय संबंध बढ़ाएगा चीन

इस अवसर पर नेपाली राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी को शुभकामना संदेश देते हुए जिनपिंग ने कहा कि वह दोनों पड़ोसी देशों के लोगों को ज्यादा से ज्यादा लाभ पहुंचाने के लिए काम करने को तैयार हैं। चीन के राष्ट्रपति ने कहा कि चीन-नेपाल संबंधों को वह काफी महत्व देते हैं और अपनी नेपाली समकक्ष भंडारी के साथ काम करने के लिए इच्छुक हैं, ताकि द्विपक्षीय संबंध लगातार आगे बढ़ते रहें।

जिनपिंग बोले- हमने एक दूसरे का सम्मान किया

सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चीन (सीपीसी) महासचिव शी ने कहा कि राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से दोनों देशों ने हमेशा एक-दूसरे का सम्मान किया है। उन्होंने यह भी कहा कि चीन और नेपाल ने एक-दूसरे को बराबर माना है, परस्पर राजनीतिक विश्वास को बढ़ाया है और परस्पर सहयोग को और मजबूत किया है। माना जा रहा है कि चीन समर्थक प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सत्ता पर पकड़ को मजबूत करने के लिए जिनपिंग ने ये बयान दिए हैं।

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ओली और चीनी प्रधानमंत्री के बीच भी शुभकामनाओं का दौर

शिन्हुआ ने राष्ट्रपति के हवाले से बताया कि उन्होंने और भंडारी ने पिछले वर्ष एक-दूसरे देश का दौरा किया था और द्विपक्षीय संबंधों को विकास और समृद्धि की दोस्ती में तब्दील किया। शी ने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में दोनों देश एकजुट रहे हैं और चीन तथा नेपाल के बीच दोस्ती का नया अध्याय लिखा। चीन के प्रधानमंत्री ली किकियांग और नेपाल के प्रधानमंत्री ओली ने भी एक दूसरे को शुभकामनाएं दी।

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नेपाल ने चीन की वन चाइना पॉलिसी का किया समर्थन

नेपाल के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि सदियों से सौहार्दपूर्ण दोस्ती पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ओली ने कहा कि नेपाल ने एक चीन नीति (One China Policy) को हमेशा माना है और चीन ने हमेशा नेपाल की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राजनीतिक स्वतंत्रता का सम्मान किया है। नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप कुमार ग्यावली ने चीन के विददेश मंत्री वांग यी को दिए संदेश में द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने में वांग की भूमिका की प्रशंसा की। वांग ने भी संचार और सहयोग को मजबूत करने के लिए ग्यावली के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई।

चीनी राजदूत के इशारे पर तनाव बढ़ा रहे ओली

  • चीनी राजदूत के इशारे पर तनाव बढ़ा रहे ओली

    नेपाल में मचे सियासी घमासान को लेकर पीएम ओली सीधे तौर पर भारत पर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कुछ दिन पहले ही एक कार्यक्रम में भारत के ऊपर अपनी सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया था। वहीं, खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नेपाली पीएम देश में चीन की राजदूत हाओ यांकी के इशारे पर भारत विरोधी सभी कदम उठा रहे हैं।

  • नेपाल के नक्शे के लिए चीनी राजदूत ने किया प्रेरित

    सूत्रों का कहना है कि नेपाल के नक्शे को नए सिरे से परिभाषित करने के लिए चीनी राजदूत ने प्रधानमंत्री ओली को प्रेरित करने का काम किया है। खुफिया सूत्रों ने कहा कि हिमालयी गणराज्य नेपाल में युवा चीनी राजदूत होउ यानकी नेपाल की सीमा को फिर से परिभाषित किए जाने के लिए कॉमरेड ओली के कदम के पीछे एक प्रेरणादायक कारक रही हैं। यानी नेपाल जो भारत के कालापानी और लिपुलेख को अपने नक्शे में दर्शा रहा है, उसके पीछे चीनी राजदूत की ही कूटनीति और दिमाग काम कर रहा है।

  • ओली और चीनी राजदूत के बीच नजदीकी

    पाकिस्तान में 3 साल तक काम कर चुकीं होउ का ओली के कार्यालय और निवास में अक्‍सर आना-जाना लगा रहता है। इसके अलावा नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी का वह प्रतिनिधिमंडल, जो राजनीतिक मानचित्र को बदलने के लिए संविधान संशोधन विधेयक का मसौदा तैयार करने में सहायता कर रहा था, वह चीनी राजदूत के संपर्क में था। चीन के विदेश नीति के रणनीतिकारों के इशारे पर काम कर रही युवा चीनी राजदूत को नेपाल में सबसे शक्तिशाली विदेशी राजनयिकों में से एक माना जाता है।

  • चीनी विदेश मंत्रालय में भी किया है काम

    एक खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है, पाकिस्तान में सेवा करने के अलावा, वह चीन के विदेश मंत्रालय में एशियाई मामलों के विभाग में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रही थीं। यही नहीं बताया जा रहा है कि चीनी राजदूत कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के आंतरिक मतभेदों को दूर करने में भी लगी हुई हैं। नेपाल में जारी इस शह और मात के खेल में किसकी जीत होगी, यह देखना अब बेहद दिलचस्‍प होगा।

  • ओली ने भारत पर लगाया सरकार गिराने का आरोप

    ओली ने पिछले दिनों भारत की ओर इशारा करते हुए दावा किया था कि काठमांडू के एक होटल में उन्हें हटाने के लिए बैठकें की जा रही है और इसमें एक दूतावास भी सक्रिय है। उन्होंने दावा किया कि कालापानी और लिपुलेख को नेपाली नक्शे में दिखाने वाले संविधान संशोधन के बाद से उनके खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं। ओली ने आरोप लगाया कि उन्हें पद से हटाने के लिए खुली दौड़ हो रही है।

  • पीएम पद से नहीं, बल्कि पार्टी से भी इस्तीफा देने की मांग

    बिना किसी सबूत के भारत पर इतने गंभीर आरोप लगाने के बाद अब ओली खुद ही अपनी पार्टी में घिर गए हैं। प्रचंड ने कहा कि भारत ने नहीं बल्कि उन्‍होंने ओली के इस्‍तीफे की मांग की है। प्रचंड ने कहा कि ओली न केवल प्रधानमंत्री के पद से बल्कि पार्टी अध्‍यक्ष के पद से भी इस्‍तीफा दें।

  • प्रचंड ने खोला ओली के खिलाफ मोर्चा

    नेपाली कम्‍युनिस्‍ट पार्टी में यह भी चर्चा है कि ओली अपने खिलाफ बन रहे मोर्चाबंदी को तोड़ने के लिए पार्टी के अंदर ही टूट करा सकते हैं। पार्टी के अंदर चल रही इस कलह से बेफिक्र केपी शर्मा ओली भारत के खिलाफ जहर उगलने में लगे हुए हैं। ओली के इस भारत विरोध और अतिआत्‍मव‍िश्‍वास के पीछे एक बड़ी वजह है। दरअसल, भारतीय खुफिया एजेंसियों का अनुमान है कि नेपाली पीएम देश में चीन की राजदूत हाओ यांकी के इशारे पर ये सभी कदम उठा रहे हैं।

चीन की जाल में फंसा नेपाल

नेपाल और चीन के बीच एक अगस्त 1955 को राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे। हाल के वर्षों में नेपाल में चीन की राजनीतिक दखल बढ़ी है, जिसके लिए बीजिंग ने बेल्ट एंड रोड पहल (बीआरआई) के तहत अरबों डॉलर का निवेश किया है। इसके अलावा काठमांडू में चीन की राजदूत हाऊ यांकी ने ओली के लिए समर्थन जुटाने का खुलेआम प्रयास किया है, जिन्हें पार्टी के अंदर बगावत का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में हाऊ ने प्रचंड एवं अन्य नेताओं से मुलाकात कर ओली का समर्थन करने का आग्रह किया था, लेकिन प्रधानमंत्री के खिलाफ विरोध कम होने का नाम नहीं ले रहा है।

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Web Title xi jinping says china always given nepal equal status amid india nepal border tension(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)

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