चीन ने BBC पर लगाया प्रतिबंध, कोरोना और शिनजियांग पर गलत रिपोर्टिंग का दिया हवाला – china bans bbc world news for its reporting on covid-19, uighur genocide


हाइलाइट्स:

  • चीन ने बीबीसी वर्ल्ड न्यूज के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध
  • चीन ने कहा- बीबीसी ने कोरोना और शिनजियांग को लेकर की गलत रिपोर्टिंग
  • चीन के सरकारी मीडिया CGTN को 5 दिन पहले ही बैन कर चुका है ब्रिटेन

पेइचिंग
चीन ने ब्रिटिश टेलीविजन चैनल बीबीसी वर्ल्ड न्यूज को प्रतिबंधित कर दिया है। चीन के राष्ट्रीय रेडियो और टेलीविजन प्रशासन (एनआरटीए) ने गुरुवार को प्रतिबंध का ऐलान करते हुए कहा कि बीबीसी ने कोरोना वायरस और शिनजियांग को लेकर गलत रिपोर्टिंग की है। चीन ने यह भी कहा कि बीबीसी ने समाचार के सत्य और निष्पक्ष होने की आवश्यक शर्त का भी उल्लंघन किया है।

बीबीसी का लाइसेंस निलंबित
चीन की एनआरटीए ने आरोप लगाया कि बीबीसी की रिपोर्टों से चीन के राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचा है और उसकी राष्ट्रीय एकता भी कमजोर हुई है। इसलिए, बीबीसी चीन में प्रसारण करने वाले विदेशी चैनलों के आवश्यक शर्तों को पूरा नहीं करता है। चीन ने बीबीसी पर अगले साल भी प्रसारण के लिए आवेदन करने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

CGTN का बदला तो नहीं ले रहा चीन?
4 फरवरी को ही ब्रिटेन ने चीन के सरकारी मीडिया सीजीटीएन को अपने देश में प्रतिबंधित किया था। तभी से इस बात की चर्चा थी कि चीन भी इसके जबाव में बीबीसी को प्रतिबंधित करेगा। ब्रिटेन की जांच में पाया गया था कि सीजीटीएन के पास संपादकीय नियंत्रण का अभाव था। इसके अलावा इस चैनल का संबंध चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के साथ भी था। जिसके बाद ब्रिटिश संचार नियामक ऑफकाम ने चाइना ग्लोबल टेलीविजन नेटवर्क (सीजीटीएन) का ब्रिटेन में लाइसेंस रद्द कर दिया था।

बीबीसी की वह रिपोर्ट यहां पढ़ें:
शिनजियांग: दिल दहला रही चीन की क्रूरता, उइगर मुस्लिम महिलाओं को दी रहीं यातनाएं पढ़कर रो देंगे आप

शिनजियांग के किस रिपोर्ट से चिढ़ा है चीन
बीबीसी ने कुछ दिनों पहले शिनजियांग के डिटेंशन कैंपों में कैद उइगुर मुस्लिमों को लेकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। जिसमें दावा किया गया था कि चीन ने करीब 10 लाख मुस्लिमों को इन कैंपों में कैद करके रखा हुआ है। इन कैंपों में लोगों के साथ न केवल अमानवीय व्यवहार किया जाता है, बल्कि उनसे जबरन काम भी करवाया जाता है। इनमें महिला कैदियों की हालत और खराब है। महिलाओं को सामूहिक रेप, यौन अत्याचार और यातनाएं भी दी जाती हैं।



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